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बामसेफ के अध्यक्ष वामन मेश्राम बोले ‘नदवी सहाब ने मुसलमानों में गहरी फूट डालने का मौका प्रदान किया है’

नई दिल्ली: बामसेफ के अध्यक्ष वामन मेश्राम ने मोहन भागवत के उस बयान पर निशाना साधा है जिसमें उन्होंने कहा था कि सेना को दुश्मन को मिटाने में छ सात महीने लगेंगे जबकि उनके स्वंय सेवक दुश्मन को तीन दिन में ही मिटा देंगे। वामन मेश्राम ने भागवत के इस बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि अगर उन्हें स्वंय सेवकों पर इतना ही भरौसा है तो फिर वे जेड श्रेणी की सुरक्षा लेकर क्यों चलते हैं।

वामन मेश्राम ने कहा है कि मोहन भागवत भारतीय सेना का अपमान कर रहे है. उन्हे स्वयंसेवको पर इतना ही विश्वास है तो अपनी जेड प्लस सुरक्षा हटा देनी चाहिए. साथ में ही संघ परिवार के जिन्होंने भी किसी भी प्रकार की सरकारी सुरक्षा ली है उसे तुरंत हटाकर स्वयंसेवको को भर्ती करना चाहिए. इससे सरकार का हो रहा नुकसान बचेगा.

सलमान नदवी ब्राहम्णवादी साजिश

उन्होंने हाल ही में बाबरी मस्जिद को लेकर दिये गये मौलाना सलमान नदवी के बयान की भी आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि जब मुसलमानो पर इतने जुल्म हो रहे है और जब उन्हे इन चुनौतीयो का संगठीत होकर सामना करना चाहिए तब सलमान नदवी सहाब ने आपसी मतभेद को सामने लाकर ब्राम्हणो को उनमे गहरी फूट डालने का मौका प्रदान किया है.इस मौके का संघ परिवार निश्चित रुप से फायदा उठाएगा.यह मुसलमानो के लिए अच्छी बात नही है.

वामन मेश्राम ने सांप्रदायिक दंगों के लेकर भी अपनी राय जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि भारत में जो फसाद होते है, वो कांग्रेस – बीजेपी के मिलीभगत के बगैर संभव नहीं है। फसाद खड़ा करना यह कोई लक्ष्य नहीं है, बल्कि फसाद खड़ा करवाने के पीछे अल्पसंख्य ब्राह्मणों को हिन्दू के नाम पर बहुसंख्य बनाना यह लक्ष है। वे बहुसंख्य बन जाते है और फिर लोकतंत्र की हत्या करते है।

उन्होंने असमानता को लेकर भी व्यवस्था पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि गैर-बराबरी की व्यवस्था का विरोध किए बगैर बराबरी की व्यवस्था स्थापित करने की बात करना एक भ्रांति है| अगर आप किसी व्यक्ति को बदलने की बात करते हैं और अन्याय करनेवाली व्यवस्था को बदलने की बात नहीं करते, तो मुझे ऐसा महसूस होता है कि हमलोग समाज में भ्रांति फ़ैलाने का काम कर रहे हैं।

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