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किसानों की समस्याओं को लेकर भाजपा पर बरसे राजेन्द्र चौधरी, कहा मजाक बनकर रह गई किसानों की कर्जमाफी

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लखनऊ – समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राजेन्द्र चौधरी ने बताया कि सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देशानुसार राज्य की प्रत्येक तहसील पर 27 जनवरी 2018 को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता आलू किसानों के साथ धोखा, धान की खरीद में लूट, खाद बीज न मिलना, बिजली के दामों में बेतहाशा वृद्धि, गन्ना भुगतान का बकाया, ऋणमाफी में किसानों के साथ छल आदि किसानों की समस्याओं को लेकर तहसील स्तर पर धरना प्रदर्शन करेंगे।

उन्होंने कहा कि किसानों की आत्महत्या, ठंड से हो रही मौतों पर पीडित परिवारों की भाजपा सरकार कोई मद्द नही कर रही है। भाजपा लोकतंत्र के सामने खतरा है। जो गरीब और किसान वर्ग है उसे उनके हक से वंचित करने की मंशा भाजपा की है। आलू उत्पादन में लगी लागत को न देकर भाजपा सरकार ने किसानों को धोखा दिया है। आलू किसान बर्बाद हो गये है, अन्नदाता कर्जदार हो गये है। धान उत्पादक किसानों को भी उत्पादन लागत नही मिल सका। इसके अतिरिक्त गन्ना किसानों के बकाया का भुगतान भी नही हुआ है।

राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि भाजपा सरकार में किसानों के साथ ऋणमाफी कार्यक्रम के नाम पर मजाक किया गया है। किसानों के सभी प्रकार के ऋण माफ न कर उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के साथ अन्याय किया है। जिससे किसान आत्महत्या को मजबूर है। विद्युत दरों में वृद्धि से किसान दहशत में है। खाद-बीज की अनुपलब्धता से किसानों की परेशानी बढ़ गयी है।

उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन की उदासीनता से अन्नदाता की हालत चिंताजनक हो गयी है। आलू-गन्ना किसानों की तबाही की सुध लेने की जगह सरकार किसानों से अपराधियों जैसा बर्ताव कर रही है। आलू किसानों की नयी फसल का क्या होगा? सरकार को इसका जवाब देना चाहिये।

राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि सपा सुप्रिमो अखिलेश यादव की चिंता है कि किसानों के साथ भाजपा सरकार में अत्याचार हो रहा है एवं निर्दोषो को झूठे केसों में फंसाया जा रहा है। समाजवादी पार्टी की पिछली समाजवादी सरकार में किसानों के हित में कई फैसले लेते हुए बजट को किसान केन्द्रित बनाने का काम किया था।

उन्होंने बताया कि समाजवादी नीतियों के क्रियान्वयन के माध्यम से गांवों में खुशहाली लाने का काम किया था। इसके साथ ही किसानों को फसलों की उचित कीमत दिलाने की भी व्यवस्था की गयी थी। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता अन्नदाता की समस्याओं के समाधान के लिए हर लड़ाई लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।