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राणा अय्यूबः एक ऐसी निडर पत्रकार जिसकी पत्रकारिता ने अमित शाह जैसे नेता को तड़ीपार कराया था

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विशाल गुप्ता

आज जिस महिला के बारे में लिख रहा हूँ, बहुत कम लोग ही उनके साहस से परिचित हैं,  राणा आयूब यह वह महिला है जिसने अमित शाह और नरेंद्र मोदी की नींद उड़ा कर रख दी थी। पेशे से महिला पत्रकार है, लेकिन काम किसी जाबांज युद्धा जैसा। आठ महीने तक अपनी पहचान छूपाकर दर्जनों अधिकारीयों का स्टिंग आपरेशन करके अहमदाबाद ब्लास्ट, गुजरात कांड, सोहराबुद्दीन फर्जी एनकाउन्टर में असली दोषियों को धूंड निकालने में कामयाब रही थी।

राणा आयूब ने अपने आप को अमेरिकन फिल्ममेकर बताया था, उन्होंने मोदी & कंपनी से कहाँ की वो संघ आयडीयालाजी को मानने वाली महिला है, इन्होंने मोदी और अमित शाह के सामने अपनी पहचान छूपाकर अपने आप को मैथली त्यागी बताया था। मैथली त्यागी (राणा अयूब) ने नरेंद्र मोदी और अमित शाह के सामने अपने ही इस्लाम धर्म के बारे में भला बुरा कहकर उन्हें खुदपर विश्वास दिलाया था कि वो कट्टर संघी है।

नरेंद्र मोदी और अमित शाह को कोई भी लड़की बेवकूफ बना सकती है, क्योंकि लड़कियों के मामले में दोनों का पैर जल्दी फिसल जाता था। राणा अयूब मुख्यमंत्री के इतने बड़े सुरक्षा घेरे में घूसकर अपने हाथ की घड़ी में कैमरा फिट करके सारे स्टिंग ऑपरेशन को अंजाम दिया था। राणा अयूब ने अपनी कौशलता से मोदी को पूरी तरह फंसा लिया था, मोदी पर कामदेव के फूल वाले बाण हमला कर चुके थे, मोदी तोते की तरह अपना हर राज राणा अयूब के साथ शेअर कर रहा था।

मोदी यहीं नहीं रुके अपने सारे अधिकारीयों को राणा अयूब से मिलवाकर कहा यह अमेरिकन फिल्म मेकर है, यह हमारे उपर फिल्म बनाने वाली है, इसे सारे सीडी और मटेरियल आर्टीकल दे दो, जिस देश का हमें वीज़ा नहीं मिल रहा, वहां हमारी फिल्म रिलीज होगी। मोदी ने अपने ओएसडी संजय भावसर को आदेश दिये और कहा मैडम जो मांगे दे देना। इसी बीच राणा अयूब ने गुजरात के कई अधिकारीयों के स्टिंग ऑपरेशन किये उसमें अधिकांश अधिकारीयों के बयान कैमरे में रिकार्ड हुऐ थे, अधिकारी अपने बयान में कह रहे थे, कैसे मोदी ने पूरे गुजरात में खून की होली खेली थी।

कई अधिकारीयों ने अमित शाह को एक नंबर गुंडे की उपाधि भी दी थी। मोदी राणा अयूब पर दिल लूटा बैठे थे, उन्हें थोड़ी सी भी भनक नहीं थी के उनका विडीयो बन रहा है। मोदी एक महीने लगातार राणा अयूब के हाथो से बना खाना खाते थे, उन्हें दक्षिण अफ्रीका में खुद का घर देने की बात कही थी, और कहा था हर महिने तुमसे मिलने आया करूँगा… यह जो काम कर रही हो छोड़ दो मै तुम्हारी लाईफ बना दूंगा, में तुम्हे कुछ सालों बाद अपनी बीवी का दर्जा दूंगा।

एक मुख्यमंत्री पूरी तरह दिलफेंक आशिक बन गया था। मुख्यमंत्री मोदी अक़्सर बराक ओबामा की तस्वीर दिखाकर कहता था एक दिन जरूर में इसके जैसा बड़ा नेता बनूंगा। राणा अयूब अपने मिशन को पूरा करने के लिए मोदी के हर बातों में अपनी सहमति दिखाने की कोशिश करती थी। आठ महीने तक राणा अयूब मैथली त्यागी बनकर मोदी & कंपनी को पर्दाफाश करने में कामयाब रही।

सारे सबूत इकठ्ठा करके अपने न्यूज एजेंसी को भी दे दिये थे, लेकिन उनके न्यूज एजंसी ने कुछ चीजें नहीं छापी और कुछ चीजों का दफना दिया। राणा अयूब ने अपनी जान दांव पर लगाके सबूत इकठ्ठा किये लेकिन न्यूज एजंसी के हेड ने मोदी को वो सारे सबूत बेच दिये। राणा अयूब के पास जो सबूत मौजूद थे, वो मोदी को जेल भेजने में नाकामयाब रहे, लेकिन अमित शाह को राणा अयूब के साहसी कार्य की बदौलत तीन महीने जेल के सलाखों के पीछे रहना पडा था।

राणा अयूब ने अपनी किताब गुजरात फाइल्स को लांन्च किया, इस बुक में गुजरात के सभी घटनाक्रम मौजूद है। इस महिला के धैर्य और साहस को सभी को सलाम करना चाहिए, एक महीने तक इस महिला के साथ शारीरिक शोषण हुआ फिर भी इन्होंने अपने कार्य को बिच में नहीं छोड़ा… क्योंकि 2000 मासूम लोगों के हत्यारे को सजा दिलवाना राणा अयूब के लिए एक मकसद बन गया था। कुछ धोखेबाजो ने सबूत ना मिटाये होते तो स्टोरी का एण्ड कुछ और होता।

(लेखक स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं यह लेख उनके फेसबुक वाल से लिया गया है और ये उनके निजी विचार हैं)