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PM मोदी द्वारा की गई पहले नोटबंदी फ्लॉप हुई, और अब कालाधन पकड़ने की ये योजना भी फ्लॉप!

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नई दिल्ली नोटबंदी के बाद काले धन पर लगाम लगाने के मकसद से लाई गई सरकार एक और योजना फ्लॉप साबित हुई है। नोटबंदी के बाद काले धन को रोकन के लिए लाई गई प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) के तहत मार्च के अंत तक सिर्फ 4,900 करोड़ रुपये का कालाधन घोषित किया गया है। सरकार के एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को ये जानकारी दी।

पीटीआई ने सरकार के एक अधिकारी के हवाले से बताया कि सरकार को इस योजना से 2,451 करोड़ रुपये मिले। बता दें कि पीएमजीकेवाई योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आठ नवंबर को 500 और 1,000 के नोटों को बंद करने के बाद शुरू की गई थी और इस साल 31 मार्च को बंद कर दी गई। सरकार ने इस योजना के जरिए अघोषित आय का खुलासा कर उस पर टैक्स और जुर्माने का भुगतान कर लोगों को पाक-साफ होने का एक मौका दिया था।

शीर्ष अधिकारी ने कहा कि आयकर विभाग ने इन घोषणाओं के जरिए टैक्स के रूप में अब तक 2,451 करोड़ रुपये प्राप्त किए। उन्होंने कहा,”पीएमजीकेवाई के तहत 21,000 लोगों ने 4,900 करोड़ रुपये कालेधन की घोषणा की। यह अंतिम आंकड़ा है।”

अधिकारी ने यह भी कहा कि आयकर विभाग कालेधन की घोषणा के कुछ मामलों में कानूनी प्रक्रियाओं का पालन कर रहा है। पीएमजीकेवाई के बंद होने की घोषणा करते हुए राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कहा कि इस योजना का रेस्पॉन्स सरकार की ‘उम्मीदों के मुताबिक’ नहीं रहा है।

सरकार ने योजना की शुरुआत पिछले साल दिसंबर में की थी ताकि कालाधन रखने वाले टैक्स और 50 प्रतिशत जुर्माना देकर पाक-साफ हो सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल 8 नवंबर को 500 और 1,000 रुपये के नोटों को चलन से हटाए जाने की योजना की घोषणा के बाद इस योजना का ऐलान किया था।

सरकार ने इस योजना को कालाधन रखने वालों के लिए पाक-साफ होने का आखिरी मौका बताया था। योजना के तहत 49.9 फीसदी टैक्स, सेस और जुर्माना देना था। साथ ही कुल अघोषित आय का 25 प्रतिशत ऐसे खाते में चार साल तक रखना था जिसमें कोई ब्याज नहीं मिलेगा।