Home पड़ताल ओमर मुख्तारः काश कि मुसलमान साम्राज्यवाद से लड़ने वाले इस क्रान्तिकारी में...

ओमर मुख्तारः काश कि मुसलमान साम्राज्यवाद से लड़ने वाले इस क्रान्तिकारी में अपना नायक तलाश करते

SHARE

नज़ीर मलिक

मुसलमानों आप अल्लाह व आखिरी रसूल को यकीनन जानते हो। आप ईसा, मूसा, इब्रहीम वगैरह सभी अलेहिसस्लाम को जानते हो। आप तो हिटलर, मुसोलिनी और गोलवलकर को भी जानते हो। यहीं नही आप अपने एक घोषित दुश्मन (?) कम्यूनिस्ट और उसके एक अजीम योद्धा चे ग्वेरा को भी जानते हाे। अब आपसे एक सवाल की क्या आप ओमर मुख्तार को भी जानते हो?

1931 में चे ग्वेरा जब तीन साल के थे तो मुख्तार को साम्राज्यवाद और फासीवाद के खिलाफ लड़ने के आरोप में फांसी दी गई थी। चे ग्वेरा को आप जानते हो कि उन्होंने साम्राज्यवाद के खिलाफ क्यूबा और बोलविया में क्रान्ति किया। आखिर में अमेंरिकी साम्राज्यवादियों के खिलाफ लड़ते हुए मारे गये।

लेकिन आप यह नहीं जानते होंगे कि साथी चे ग्वेरा जब पैदा हुए तो ओमर क्रान्ति कर रहे थे। उन्होंने सूडान और लीबिया में फासीवाद के खिलाफ क्रान्ति मचा रखा था। अन्तः सितम्बर 1931 में इटली के नाजियों ने उन्हें फांसी दी। उस समय चे ग्वेरा तीन साल के थे। क्या आपको पता है कि जिस गुरिल्ला युद्ध को ओमर मुख्तार ने अपना हथियार बना कर नाजियों, फासीवादियों को सबक सिखाया उसी को हथियार बना कर चे ग्वेरा ने क्यूबा में क्रान्ति की।

मेरा कहने का मतलब यह है कि आप पैगम्बर को पढ़ो। वह आपके मजहबी नायक है तो उनको मानो भी, लेकिन अगर आप अपने क्रान्ति के नायकों को भूल जाओगे तो तो क्या होगा। आप चे ग्वेरा को न मानो, लेकिन ओमर मुख्तार में ही अपना नायक तलाश कर लो। मुस्लिम महिलाएं लैला खालिद को अपना आइडियल बना ले। इसमें तो कोई खोट नहीं है।

लेकिन वे आपके आदर्श नहीं हो सकते। इसलिए कि आपने उन्हें पढ़ा ही नहीं। आपने कुरआन और हदीसें पड़ीं हैं। जिसमे न ओमर मुख्तार है न लैला खालिद। तो फिर नये जमाने में आपको अपना नायक नहीं मिलेगा। आपके काबा को बचाने के लिए अबाबीलों की लश्कर अब नहीं आने वाली। इसलिए पढ़ो। कुरआन ने भी कहा है कि इकरा।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं और कपिलवस्तू वेब पोर्टल के संपादक हैं)