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इजरायल एक नाजायज देश, जिसे एक राष्ट्र के रूप में कभी मान्यता नहीं दी जा सकतीः नदीम खान

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नई दिल्ली – इसी महीने की 15 तारीख को इजरायल के प्रधानमंत्री बिनजामिन नेतन्याहू भारत दौरे पर आ रहे हैं। यह ऐसा पहला मौका है कि जब इजरायल का पीएम भारत आ रहा है। नेतन्याहू के भारत दौरे को लेकर फिलिस्तीन समर्थक नाराजगी जाहिक कर रहे हैं। समाजिक न्याय के लिये आवाज उठाने वाले संगठन यूनाईटिड अगेंस्ट हेट ने इजरायल के पीएम की भारत यात्रा का विरोध करने का एलान किया है।

संगठन के सद्सय नदीम खान ने बताया कि इजराय और फिलिस्तीन को लेकर भारत की परंपार रही है कि भारत हमेशा फिलिस्तीन के साथ रहा, उन्होंने कहा कि मोदी सरकार इजरायल के पीएम को भारत बुलाकर उस परंपरा को तोड़ रही है। नदीम ने महात्मा गांधी के उस कथन का भी हवाला दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि जिस प्रकार ब्रिटिश अंग्रेजों के लिये है फ्रांस फ्रांसीसियों के लिये है उसी तरह फिलिस्तीन अरबों के लिये हैं।

नदीम खान ने बताया कि लोकतांत्रिक तरीक से हम इजरायल के प्रधानंत्री की भारत यात्रा का विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत इजरायल को लेकर वही नीति अपानाये जो लंबे समय से रही है, भारत का साफ कहना था कि वह मजलूम फिलिस्तीनियों के साथ है अत्याचारी इजरायल के साथ नही है। लेकिन मौजूदा सरकार भारत की उस परंपरा को तोड़ने का काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि हम इजरायल को न तो कल देश के रूप में मान्यता देते थे और न ही आज उसे एक राष्ट्र के रूप में मान्यता देंगे। यह पूछे जाने पर कि कुछ मुस्लिम देशों के भी इजराय के साथ अच्छे संबंध हैं इस पर नदीम खान ने कहा कि मुस्लिम देश कोई रोल मॉडल नही हैं, वहां तो खुद डेमोक्रेसी नही है। हम लोग हमेशा फिलिस्तीन को देश मानते हैं इजरायल नाम का कोई देश नही है।

नदीम खान ने कहा कि इजरायल में एक नाजायज सरकार है और नाजायज सरकार का शासक हमारे लिये कोई मायने नही रखता। उन्होंने कहा कि अभी तक भारत भी इसी परंपरा पर चल रहा था लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद इजरायल से नजदीकियां बढ़ाई गई हैं। उन्होंने कहा एनडीए की अटल सरकार में इजरायल और भारत के नेताओं का आना जाना शुरु हुआ था।