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नज़रियाः मोहम्मद शमी और हसीन जहां, जिनको इस्लामी क़दरे मज़ाक लगती थी खुद मज़ाक बन गए है

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नदीम खान

एक दिन एक चैनल वाले का फ़ोन आया फ़ोन आया कि आपको डिबेट में बुलाना है मैंने कहा भाई अपना उसूली मामला है कि मैं किसी चैनल की फ़र्ज़ी डिबेट में गला फाड़ने नही जाता सो माफ करे ,फिर मैंने पूछा वैसे टॉपिक क्या है बोले कि क्रिकेटर शमी ने अपनी बीवी का फोटो डाल दिया है जिस से मुसलमान उनको सोशल मीडिया पे गालिया दे रहा है उसपे प्रोग्राम है।

मैंने सोचा शायद अंसार रज़ा और साजिद रशीदी जैसे मौलाना शायद कुछ कम गाली पड़वा रहे है तो ये नए शमी साहब अवतरित हुए है या तारिक फतेह आज कल गायब है सो न्यूज़ चैनल इनको नया टाइम पास बनाये है। बरहाल ज़्यादा दिन नही बीते शमी फिर चर्चा में है ,तलवारे म्यान से बाहर निकल गयी है कुछ शमी को मर्दे मुजाहिद बना रहे है और उसकी बीवी को मोसाद से ज़्यादा साज़िश करने वाली खतरनाक औरत बता रहे है।

कुछ अपने तरकश के सारे तीर शमी के ऊपर फेक कर औरत की पाकदामनी बयान कर के बेहाल हुए जा रहे है शमी लोअर मिडिल क्लास से आते है छोटे इलाके के रहने वाले है क्रिकेट से शोहरत मिली नाम हुआ और बरहाल पैसा तो सबसे ज़्यादा है ही, अचानक से मिली शोहरत और दौलत अमूमन दिमाग खराब कर देती है वही यहाँ भी हुआ ये अक्सर होता है जिसके घर से कोई एक अमेरिका चला जाता है वो यही रह कर अमेरिका वाले से ज़्यादा मॉडर्न हो जाता है लेकिन जिस ढिठाई से शमी अपनी बीवी की एक बाद दूसरी पोस्ट करते है और उस मुस्लिम समाज को मीडिया के सामने ज़लील करते रहे जो उनकेभर विकेट के लिए दुआ करता रहता था।

उसकी कोई मिसाल नही थी उसका दूसरा रुख ये भी है हम को भी चैन नही है हर जगह क्योकि न शमी इस्लाम के अलम्बरदार थे न आपको उनसे ऐसी उम्मीद रखनी थी लेकिन आपकी कोमल भावनाये आहत इतना होती है कि आखिरकार इस्लाम को ही अपनी ज़द में ले लेती रही बात शमी की पत्नी की उन तस्वीरों के लिए वो भी ज़िम्मेदार थी सो जो आज जनके तरफदार बन रहे है उनसे भी वही सवाल है कि जब उनकी फोटो शमी सोशल मीडिया में डाल रहे थे तब उनकी अक्ल कहा थी।

कुछ हज़रात ये बता रहे है कि शमी की बीवी की के दूसरी शादी है वो मासूम था उसके पहली शादी से भी बच्चे थे तो भाई ये सब काम शमी का था कि वो पता करते और हा इस्लाम मे किसी तलाक शुदा से दूसरी शादी करना गुनाह नही है लेकिन शमी से ये गलती हुई कि उसने अपने फेसबुक के क्रांतिवीरों को शादी से पहले अपनी बीवी के बारे में पता करने को नही कहा वरना आप पूरी सही रिपोर्ट देते।

बन्दों का इलाज बन्दों के ज़रिए ही होगा ,आप इस्लामी एहकाम का मज़ाक उड़ाएंगे कुछ दिन में आपका मज़ाक उड़ेगा आप याद करिये वो प्रोग्राम जब उनकी बीवी के फोटो पर मीडिया में प्रोग्राम आता था और हसी के और मज़ाक के साथ पूरे इस्लाम पे सवाल उठा दिए जाते थे। बरहाल अब दोनों पे सवाल है मज़ाक है चुटकुले है लेकिन दोनों तरफ के क्रांतिवीर जिसमे से कोई शमी को कोई उसकी बीवी को मासूम ठहरा रहे है कहि दोनों में समझौता हो गया तो ये किधर जाएंगे बरहाल फिलहाल तो दोनों शौहर बीवी जिनको इस्लामी क़दरे मज़ाक लगती थी खुद मज़ाक बन गए है।

(लेखक यूनाईटेड अगेंस्ट हेट के सद्सय हैं ये उनके निजी विचार हैं)