Home इंटरव्यू इंटरव्यूः आरएसएस का रोल मॉडल ज़ालिम इजराइल है : डॉ सुरेश खैरनार

इंटरव्यूः आरएसएस का रोल मॉडल ज़ालिम इजराइल है : डॉ सुरेश खैरनार

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नई दिल्ली। भारत के दौरे पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेन्जामिन नेतन्याहू आ रहे हैं. नेतन्याहू के दौरे को लेकर भारत में उनका विरोध हो रहा है. भारत में मोदी और बेन्जामिन के मुलाकात का लोग विरोध कर रहे हैं. भारत-फिलीस्तीन सॉलिडेरिटी फोरम और राष्ट्र सेवा दल के अध्यक्ष  डॉ सुरेश खैरनार ने विरोध किया है. उन्होंने कहा कि वह भारत में नेतन्याहू के दौरे का विरोध करेंगे. खैरनार ने नेशनल स्पीक से बातचीत की.

प्रश्न- आप नेतन्याहू के दौरे को कैसे देखते हैं?

खैरनार- भारत के 70 सालों के विदेश नीति में फिलीस्तीन के साथ रहे हैं, ये पहली बार विदेश नीति विपरीत दिशा में चल रही है.

प्रश्न- भारत ने इजरायल को दोहरा झटका दिया है, ऐसे में आप कैसे देखते हैं?

खैरनार- भारत की सभी सरकारों ने फिलीस्तीन का समर्थन किया है. पहली बार ऐसा दिख रहा है कि भारत इजरायल के पक्ष में होता दिख रहा है. इसकी वजह है कि आरएसएस इजरायल को रोल मॉडल मानता है. हिन्दूओं को मुसलमानों के खिलाफ करने की साजिश भी है.

प्रश्न- क्या आप नेतन्याहू के दौरे को लेकर भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा मानते हैं?

खैरनार- ये बहुत बड़ा खतरा है क्योंकि भारत में पिछले 25 सालों से जैसे हिन्दू-मुस्लिम के बीच नफरत पैदा की गई है. वह खतरनाक है. वर्तमान सत्ता में बैठे लोग इसी नफरत का सहारा लेकर सत्ता में बैठे हैं. बाबरी मस्जिद मुद्दा उठाकर बीजेपी ने देश में ध्रुवीकरण की राजनीति शुरू की. ठीक ऐसे ही मुद्दा यरूशलम का भी है. भारत के लिए अयोध्या विवादित मुद्दा है, जबकि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की अयोध्या यरूशलम है. इसे ऐसे कह सकते हैं कि भारत का यरूशलम अयोध्या है, जबकि दुनिया का यरूशलम बैतूल मक़दिस  है.

प्रश्न- भारत-इजरायल के सैन्य संबंधों को आप कैसे देखते हैं?

खैरनार- भारत-इजरायल का सैन्य संबंध बहुत बड़ा खतरा है. क्योंकि नेतन्याहू जैसे कम्यूनल और रेशनल शख्स के साथ संबंध रखना खतरनाक है. क्योंकि इजरायल के इतिहास में अब तक के भी प्रधानमंत्रियों में नेतन्याहू सबसे खतरनाक प्रधानमंत्री है. जिसका अरब द्वेष या फिर मुस्लिम द्वेष परवान चढ़ा है.

प्रश्न- मोदी-नेतन्याहू की दोस्ती को कैसे देखते हैं आप?

खैरनार- अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप, इजरायल में बेन्जामिन नेतन्याहू और भारत में नरेंद्र मोदी सहित दुनिया में कई ऐसे सांप्रदायिक चेहरे हैं, देश और दुनिया की शांति के लिए खतरा हैं.