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दो साल तक प्रताड़ना झेली है राज्य सरकार इन दो साल का मुआवज़ा देः हादिया

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नई दिल्ली – सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद केरल पहुंची हादिया उर्फ अखिला अशोकन ने केरल सरकार से मुआवजे की मांग की है। हादिया ने बीते सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि हाई कोर्ट के फैसले के बाद उन्हें परिवार के पास भेज दिया गया था और दो साल तक लगातार प्रताड़ना झेलनी पड़ी। उन्हें घर में बंद कर दिया गया था। केरल सरकार इन दो सालों में कष्ट के लिए मुआवजा दे।

गौरतलब है कि केरल हाई कोर्ट ने अशोकन ने धर्म बदलकर मुस्लिम युवक शफी जहां से शादी कर ली थी, और अपना नाम हादिया रख लिया था। लेकिन केरल हाईकोर्ट ने इस शादी को अवैध घोषित कर दिया था और हादिया को उनको परिवार के पास भेजा दिया था। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को रद्द कर दिया और शादी को वैध मानते हुए हादिया को उनके पति शफी के पास रहने की इजाजत दे दी है।

हादिया ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, ‘मीडिया में ऐसी रिपोर्टें आईं थीं कि मैंने अपने माता-पिता से मुआवजा मांगा है। यह पूरी तरह से गलत है। मैंने केरल की राज्य सरकार से मुआवजा मांगा है।’ हादिया ने कहा, ‘वह नहीं समझती हैं कि उनके माता-पिता उन्हें नुकसान पहुंचाना चाहते थे। वे सब ऐसा राष्ट्र विरोधी ताकतों के दबाव में आकर कर रहे थे। वे उनका राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रहे थे।’

जब हादिया से सवाल किया गया कि क्या उनकी मां ने उन्हें जहर देने की कोशिश की थी जैसा कि सुप्रीम कोर्ट में दाखिल शपथ पत्र में हादिया ने कहा है, इस पर हादिया ने कहा कि वह अपनी बात पर अभी भी कायम हैं। हादिया ने कहा कि जल्द ही वह अपने माता-पिता से मुलाकात करेंगी। उन्होंने कहा कि वह दो वजहों से सुप्रीम कोर्ट गईं। पहली वजह थी कि वह एक मुसलमान के रूप में जिंदगी गुजारना चाहती हैं और दूसरी वजह यह थी कि वह अपने पार्टनर के साथ रहना चाहती थीं।

अशोकन  हादिया बनीं इस युवती ने कहा, ‘अब जब भी मैं घर में ठहरती हूं अच्छा लगता है। मैं अदालत के फैसले के बेहद खुश हूं। मेरा संघर्ष तब शुरू हुआ जब मैंने शादी की। फिर मैं अदालत पहुंची। मुझे काफी प्रताड़ना से गुजरना पड़ा। अदालत की लड़ाई में मेरी कस्टडी मेरे माता-पिता को सौंप दी गई।’