Breaking News
Home / कारोबार / पीएम मोदी और राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने घंटी बजाकर पूरे देश में लागू किया जीएसटी

पीएम मोदी और राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने घंटी बजाकर पूरे देश में लागू किया जीएसटी

नई दिल्ली – जीएसटी यानी गुड्स एंड सर्विस टैक्स (वस्तु एवं सेवा कर) आज (30 जून) की मध्यरात्रि से देश भर (जम्मू-कश्मीर को छोड़कर) में लागू हो चुका है। इसके तहत 20 लाख तक का व्यापार करने वालों को जीएसटी से मुक्ति मिलेगी। साथ ही 75 लाख तक के व्यापारी को जीएसटी में राहत मिलेगी। जीएसटी भारत की अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था में बदलाव लाते हुए एकल बाजार में 2,000 अरब डालर की अर्थव्यवस्था और 1.3 अरब लोगों को जोड़ेगी।

जीएसटी काउंसिल ने सभी वस्तुओं और सेवाओं को चार टैक्स स्लैब (5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत) में बांटा है। काउंसिल ने 12011 वस्तुओं को इन चार वर्गों में रखा है। बता दें कि इस समारोह में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जे एस खेहर, वित्त मंत्री अरुण जेटली के अलावा तमाम केंद्रीय मंत्री मौजूद रहे।

क्या कहा पीएम मोदी ने

पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि ‘आज देश आगे का रास्ता तय करने जा रहा है। जीएसटी हमारी सांझी विरासत है। ये किसी दल की सिद्धी नहीं है। संविधान सभा की तरह जीएसटी भी ऐतिहासिक है। गीता के भी 18 अध्याय हैं और जीएसटी काउंसिल की भी 18 बैठक हुई है।

किसने क्या कहा 

अरुण जटली ने इसे भारत के लिए नई राह की शुरुआत बताई। जेटली ने कहा- ‘एक राष्ट्र, एक टैक्स हमारा उद्देश्य। राज्य और केंद्र सरकार एक दिशा में काम करेंगे।’ आसनसोल से बीजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने गाना गा कर बताया है कि जीएसटी के चक्कर में उन्हें कितना पढ़ना पड़ रहा है। गायक से सांसद बने बाबुल सुप्रियो ने बारिश के बीच चलती कार में किशोर कुमार का भीगी-भीगी रातों गाना गा कर जीएसटी के स्ट्रेस को कम करने की कोशिश की।

क्या हैं दावे ?

दावा किया जा रहा है कि जीएसटी देश में कर सुधार के क्षेत्र में सबसे बड़ा कदम है। जीएसटी काउंसिल ने दूध, फल-सब्जी, पेट्रोल, बच्चों की प्रिंटेड बुक्स, पूजा सामग्री जैसी 80 वस्तुओं को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा है। यानी इन पर कोई टैक्स नहीं लेगा। इनके अलावा स्वास्थ्य और शिक्षा सेवा क्षेत्र को भी जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है।

 

Check Also

टैक्स और छूट के दोहरे लाभ के साथ शुरू हुआ बाकू मेला

Share this on WhatsAppनई दिल्ली – भारत के लोग खरीददारी के बहुत शौकीन हैं और …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *