Breaking News
Home / देश / फांसी की सजा पाये अफजल गुरू के बेटे गालिब गुरू ने 12वीं बोर्ड में भी किया टॉप, 10वीं में थे 95% मार्क्स

फांसी की सजा पाये अफजल गुरू के बेटे गालिब गुरू ने 12वीं बोर्ड में भी किया टॉप, 10वीं में थे 95% मार्क्स

नई दिल्ली – भारत की संसद पर हमला करने की साजिश करने के जुर्म में फांसी की सजा पाये अफजल गुरू के बेटे गालिब ने 12 वीं की परीक्षा में भी टॉप किया है। गालिब गुरू ने 12 वीं की परीक्षा में 88 प्रतिशत नंबर लाकर सभी विषयों में डिस्टंकश्न हासिल की है। गालिब गूरू का सपना है कि वह डॉक्टर बने।

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक गालिब गुरू ने कुल 500 में से 441 अंक हासिल किये हैं। उसने इन्वॉयरमेंट साइंस में 94, केमिस्ट्री में 89, फिजिक्स में 87, बायोलॉजी में 85 और इंग्लिश में 86 मार्क्स हासिल किए हैं। गौरतलब है कि 2016 में हाई स्कूल परीक्षा में गालिब ने कश्मीर में टॉप किया था।

हाईस्कूल टॉप करने के बाद गालिब ने कहा था कि, ”मैं मेडिकल फील्ड में करियर बनाना चाहता हूं। उसने कहा था अच्छा न्यूरोलॉजिस्ट बनकर परिवार का सपना पूरा करना चाहता हूं। क्योंकि मुझे चमत्कारों से लगाव है। गालिब ने कहा  था कि अब्बू मुझे हमेशा पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए कहते थे।”

मिल रही हैं बधाईयां

अच्छे मार्कस लाने को लेकर गालिब गुरु को इस कामयाबी पर लोग सोशल मीडिया पर बधाई दे रहे हैं। बोर्ड के नतीजों के एलान के बाद बारामूला के सोपोर में उनके घर पर बधाई देने वाले दोस्तों और रिश्तेदारों का तांता लगा हुआ है। राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता सराह हयात ने ट्वीट करके गालिब को मुबारकबाद देते हुए लिखा कि ”गालिब गुरु ने 12वीं की परीक्षा में बड़ी कामयाबी हासिल की। उसे 441 अंक मिले। उनके परिवार को बधाई।”

अफजल गुरू भी बनना चाहते थे डॉक्टर

भारती संसद पर हमला करने की साजिश रचने के जुर्म में फांसी की सजा पाये अफजल गुरू भी डॉक्टर बनना चाहते थे। अफजल मेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे लेकिन इसी दौरान उनका लगाव अलगाववादियों से हो गया उन्होंने बीच में ही पढाई छोड़ दी थी। बता दें कि अफजल गुरू को 13 दिसंबर 2001 को संसद पर हमले के बाद गिरफ्तार किया गया था। और 9 फरवरी 2013 को अफजल गुरू को फांसी दे दी गई थी।

तब दो साल का था गालिब

संसद पर हमले के आरोप मे जब अफजल गुरू को गिरफ्तार किया गया था तब गालिब की उम्र महज दो साल ही थी। एक तरह से गालिब अपने पिता से बचपन में ही बिछड़ गया था। गालिब अक्सर अपनी मां और दादी मां के साथ अपने पिता से मुलाकात करने के लिये दिल्ली की तिहाड़ जेल में आया करता था। अपने पिता अफजल गुरू की फांसी के बाद गालिब ने इच्छा जाहिर की थी कि वह डॉक्टर बनना चाहता है क्योंकि उसके पिता उसे खूब पढ़ाना चाहते थे।

एक साल पहले गालिब ने बीबीसी से बात करते हुए कहा था कि जब मैं जेल में अब्बू से मिलने गया तो उन्होंने मुझे बायलॉजी के कुछ सवाल दिए और वहीं से मैं समझ गया था कि उनका रुझान बायलॉजी की तरफ़ ही है और वहीं से मेरे डॉक्टर बनने की इच्छा जागी.

 

Check Also

PM मोदी ने मांगे मन की बात के लिये सुझाव इमरान बोले रोहित और नजीब पर भी दो शब्द बोलिये।

Share this on WhatsAppनई दिल्ली – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगामी 28 फरवरी को प्रसारित …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *