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बामसेफ के अध्यक्ष वामन मेश्राम बोले ‘शासक वर्ग  ‘ब्राह्मण’ न्यायपालिका में बैठा हुआ है और हमारे साथ धोखा कर रहा है।‘

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नई दिल्ली – बामसेफ के अध्यक्ष वामन मेश्राम ने एक ऐसी टिप्पणी की है जिस पर विवाद हो सकता है। उन्होंने सुप्रिम कोर्ट के द्वारा चीफ जस्टिस को लेकर उठाये गये सवालों को हथियार बनाते हुए एक जाति विशेष पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ‘शासक वर्ग  ‘ब्राह्मण’ न्यायपालिका में बैठा हुआ है और हमारे साथ धोखा कर रहा है।‘

वामन मेश्राम ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ‘भारत की प्रजा ऐसी मानती है की न्यायपालिका जो फैसले देती है वह किसी के साथ धोखाधड़ी नहीं कर सकती है। मगर शासक वर्ग (ब्राह्मण) संविधान के साथ धोखाधड़ी कर रहा है वही शासक वर्ग न्यायपालिका में बैठा हुआ है और हमारे साथ धोखाधड़ी कर रहा है। न्यायपालिका में बहुजनों का पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है इसलिये न्यायपालिका से न्याय नहीं मिल रहा है।’

बामसेफ सुप्रिमो ने कहा कि न्यायपालिका मे मूलनिवासी बहुजनो को उनके संख्या के अनुपात मे प्रतिनिधीत्व नही है| एक विशिष्ट वर्ग के वर्चस्व वाली न्यायपालिका भ्रष्ट होना स्वाभाविक है। न्यायपालिका मे केवल वही मुद्दे नही जो उन चार जजो ने सामने लाये, बल्कि न्यायपालिका का जातीय मानसिकता से ग्रस्त होना भी बडा मुद्दा है।

उन्होंने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा से इस्तीफे की मांग करते कहा कि इतने संगीन आरोप होने के बाद भी जस्टीस दिपक मिश्रा ने अभी तक इस्तिफा नही दिया, शायद वे आश्वस्त है की उन पर कोई कारवाई नही होगी।  लेकिन संविधान में ऐसे भ्रष्ट जजो के विरोध में महाभियोग चलाने का प्रावधान रखा है। विपक्ष को चाहिए जस्टीस दिपक मिश्रा के विरोध में संसद में महाभियोग चलाये।

वामन मेश्राम ने सुप्रिम कोर्ट के चारों जजों का समर्थन करते हुए कहा कि 4 जजों ने न्यायपालिका में हो रहे भ्रष्टाचार का जो खुलासा किया है उसका मै स्वागत करता हूं, पारदर्शीता के लिए यह जरूरी था, जो लोग उन चार जजों का विरोध कर रहे है वे लोग न्यायपालिका में पारदर्शीता लाने के खिलाफ है ऐसा मै मानता हूं।