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साहित्याकार असगर वजाहत बोले ‘इस्लाम धर्म पर अनर्गल आरोप लगाने वालों को क्या भारत का प्रेमी कहा जा सकता है ‘?

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नई दिल्ली – मशहूर साहित्यकार असगर वजाहत ने उन लोगों की आलोचना की है जो इस्लमा और मुसलमानों के बारे में झूठी अफवाहें फैलाकर उन पर नये नये आरोप प्रत्यारोप लगाते हैं। असगर वजाहत ने कहा कि हमारे देश में कुछ लोग मूर्खता या अज्ञान या षड्यंत्र या राजनीति के कारण इस्लाम धर्म पर अपमानजनक आरोप लगाते रहते हैं। उनका उद्देश्य पूरे धर्म को बदनाम करना है। पर कोई भी धर्म अपने मूल स्वरुप में खराब नहीं होता।

असगर वजाहत ने कहा कि धर्म को मानने वाले या धर्म के नाम पर राजनीति करने वाले धर्म को बदनाम कर देते हैं जबकि हर धर्म सत्य, शांति, मानवता, सहयोग की शिक्षा देता है। उन्होंने कहा कि इस्लाम धर्म पर अनर्गल आरोप लगाने वाले शायद यह नहीं जानते की संसार की दूसरी सबसे बड़ी आबादी इस्लाम धर्म को मानती है। संसार के 50 से अधिक देशों में रहने वाले इस्लाम धर्म पर विश्वास करते हैं।

उन्होंने कहा कि भारत के साथ इस्लामी देशों के पुराने और गहरे व्यापारिक और राजनीतिक संबंध है। भारत इस्लामी देशों के साथ खरबों रुपए का व्यापार करता है। अनेक अंतरराष्ट्रीय मंचों/ संगठनों में इस्लामी देश भारत को सहयोग देते आए हैं। सभी धर्मों को मानने वाले लाखों भारतीय इस्लामी देशों में वर्षों से रह कर काम कर रहे हैं और अरबों डॉलर भारत भेज चुके हैं और अब भी भेज रहे हैं।

जामिया मिलिया इस्लामिया यूनीवर्सिटी के पूर्व प्रोफेसर असगर वजाहत ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या ऐसी स्थिति में इस्लाम धर्म पर बेहूदा, अपमानजनक, तथ्यहीन आरोप लगाकर भारत का कुछ फायदा हो सकता है? क्या यह भारत के हित में होगा? क्या ऐसा करने वाले भारत प्रेमी कहे जा सकते हैं?