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अफराजुल हत्याकांडः पुलिस के पास मौजूद हैं इतने सबूत, जो बर्बर हत्यारे शंभू रेगर को फांसी तक ले जायेंगे

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असद हयात

नई दिल्ली –  राजस्थान के राजमसंद कांड ने मानवता को शर्मशार कर दिया था और देश व विदेश सभी जगह इस कांड की घोर निंदा हुई थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अभियुक्त शम्भू नाथ और उस के 15 वर्षीय भांजे उत्तम को गिरफ्तार कर लिया था। भय वश अफराजूल उर्फ़ भुट्टो का परिवार(पत्नी गुलबहार और बेटी दामाद) राजसमन्द से पलायन करके मालदा (वेस्ट बंगाल) चले गए थे ।

पुलिस के मुताबिक राजसमन्द के अफराजूल हत्याकांड पुलिस को कोई बड़ी साजिश की कड़ी नहीं मिली है। अब पुलिस ने हत्यारे शम्भूनाथ रेगर वल्द रामलाल रेंगर और उसके नाबालिग भांजे उत्तम के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया है।  FIR नंबर 339/17 थाना राजनगर राजसमन्द, वादी रूम खान दिनांक 6 दिसम्बर 2017 आरोप पत्र संख्या 2 /18 दिनांक 11 जनवरी 2018, जांच अधिकारी राम सुमेर मीना थाना राजनगर, अंतर्गत धारा — 302,201, 153 a, 153 b, 295 a, 298,505(1)सी , 505 (2), 120बी, IPC और 84 (सी)आई टी एक्ट गिरफ्तारी –7दिसम्बर 2017

जनवरी के पहले सप्ताह में मैं अपने एक साथी मुस्तक़ीम सिद्दीकी (इन्साफ इंडिया)के साथ मालदा गया था और पीड़ित परिजनों से मिला था। तभी जानकारी हुई थी कि मालदा के कुछ मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने अफराजूल की पत्नी गुलबहार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई से जांच कराने और केस को वेस्ट बंगाल ट्रांसफर कराने की मांग को लेकर एक रिट याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की है जो अभी लंबित है और कोर्ट ने सीबीआई को नोटिस जारी किया है।

इधर दो वीडियो जेल की कोठरी से शम्भूनाथ रेंगर ने जारी किये और फिर ज़हर उगला। ये हैरत की बात है कि जेल के अंदर उस कोठरी में उस को वह सभी सुविधाएँ कैसे मिल गयीं कि वह आन लाइन बात कर रहा है। ये साबित करता है कि जेल अधिकारी ऐसे अपराधी को समर्थन दे रहे हैं और शायद किसी राजनीतिक व्यक्ति के इशारे पर हो रहा हो । ये सभी मुद्दे सुप्रीम कोर्ट में उठाये जा रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट में फ़ुजैल अय्यूब एड्वोकेट ऑन रिकॉर्ड (एड्वोकेट इबाद मुश्ताक़ सहित) और वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह साहिबा की टीम लड़ रही है। मैं लगातार एड्वोकेट फ़ुजैल साहब और इबाद साहब के संपर्क में हूँ।

आरोप पत्र के अनुसार जो तथ्य और साक्ष्य सामने आये हैं वो इस प्रकार हैं

पुलिस ने शम्भू नाथ की पत्नी सीता, एक महिला पूजा व् उसकी डॉली,व ज्योति के बयान दर्ज किये हैं। इनके अनुसार  पूजा का अफेयर्स बल्लु शेख से थे जो उस के साथ मालदा भाग गई थी और कई साल उस के साथ रह कर वापस राजसमन्द लौट आयी। वह शम्भूनाथ की बिरादरी की थी इसलिए शम्भू को पूजा का बल्लु से मिलना जुलना व् पार्टी करना पसंद न था, वह उस को मना करता था। शम्भू के भी सम्बन्ध पूजा से हो गए थे। शम्भू उसको पहले से ही ‘प्यार’ करता था मगर उसके सम्बन्ध ज्योति से भी थे जो पूजा और शम्भू के रिश्तों को पसंद नहीं करती थी।

शम्भू की नज़र में बंगाली मुस्लिम मज़दूर बल्लू और दूसरे दुश्मन थे क्यों कि वह पूजा और दूसरी लड़कियों से सेक्स रिश्ते बनाते थे। शम्भू की नजर में अफराजूल  सभी बंगाली मुस्लिम मज़दूरों का मुखिया था जो इनको मज़दूरी दिलाता था। इसलिये शम्भू ने सोचा कि अगर अफराजूल को मार दिया जाए तब बंगाली मुसलमान मज़दूरो को आसरा देने वाला कोई न रहेगा और सब भाग जाएंगे और हिन्दू लड़कियां सुरक्षित हो जाएंगी। इसलिए योजना बनाकर शम्भू ने अफराजूल की हत्या कर दी और उसका लाइव वीडियो अपने भांजे से बनवाया और कई व्हाट्स एप ग्रुप में प्रसारित कर दिया व् लव जिहादियों को चेतावनी उनके बुरे हश्र होने की दी घटना के बाद शम्भूनाथ ने 3 पत्र प्रधानमन्त्री, राष्ट्रपति और बाबा रामदेव को लिखे और अपने भांजे के हाथों इनको बैंक मैनेजर अनुराग वर्मा को पोस्ट करने के लिए भेजे जो पुलिस रेकॉर्ड पर है।

पुलिस को शम्भुनाथ और उस के भांजे के मोबाइल से घटना की वीडियो भी बरामद हुई। अफराजूल का एक मोबाइल भी शम्भू के पास से बरामद हुआ जबकि अफराजूल का एक मोबाइल उस की लाश के साथ ही जल हुआ बरामद हुआ है। इस तरह शम्भू के खिलाफ पर्याप्त सबूत मौजूद हैं जो उस को फाँसी के फंदे तक ले जाएंगे और उस के भांजे के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं जिस ने घटना की फिल्म बनाई और लिफाफे अनुराग वर्मा को दिये। कानून उस की उम्र को देखते हुये शायद फाँसी और उम्र क़ैद की सजा उस को न दे। उसके मोबाइल से घटना की 8 व शम्भूनाथ के मोबाइल से 10 वीडियो बरामद हुई हैं।

(लेखक सोशल एक्टिविस्ट एंव जाने माने वकील हैं)