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नेतन्याहू की भारत यात्रा पर आचार्य प्रमोद की PM मोदी को सलाह, ‘मोदी सरकार भारत को प्रयोगशाला न बनाये’

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नई दिल्ली – विवादित ‘देश’ इजरायल के प्रधानमंत्री इसी महीने की 15 जनवरी को भारत दौरे पर आ रहे हैं, उनका यह दौरा तीन दिन का है। इजरायल के पीएम की इस यात्रा पर मशहूर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा है कि भारत को इजरायल को लेकर उसी परंपरा का पालन करना चाहिये जो अतीत में रही है। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से फिलिस्तीन के साथ रहा है लेकिन पीएम मोदी इसके बरअक्स इजरायल से नजदीकियां बढ़ा रहे हैं।

नेशनल स्पीक से बात करते हुए आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि नये दोस्त बनें लेकिन ख्याल रहे कि पुराने रिश्तों में कोई दरार भी न आने पाये। उन्होंने कहा कि मोदी देश के नाम पर नये नये प्रयोग कर रहे हैं, मेरी उन्हें सलाह है कि वे भारत को प्रयोगशाला न बनायें। भारत की इजरायल को लेकर जो पॉलीसी रही है उसी पर उन्हें भी अमल करना चाहिये।

यह पूछे जाने पर कि हाल ही में भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में इजराय के खिलाफ वोटिंग की है और अब भारत नेतन्याहू के स्वागत की तैयारियां कर रहा है इसका क्या अर्थ है ? इस पर आचार्य प्रमोद ने तंज करते हुए कहा कि यह ऐसा ही है जैसे देश में बैठकर पाकिस्तान को गालियां दी जातीं और फिर चुपचाप पाकिस्तान चले जाते हैं और जाकर केक काटते हैं। आचार्य ने तंज करते हुए कहा कि जैसे हिन्दुओं से कहते हैं कि मंदिर बनायेंगे और फिर सत्ता में आने के बाद मंदिर को भूल जाते हैं।

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि मोदी सरकार का कोई स्टेंड क्लियर ही नहीं है, ये सरकार कहती कुछ है और करती कुछ और हैं। उन्होंने कहा कि ये सत्तर साल से कहते आ रहे हैं कि धारा – 370 हटायेंगे लेकिन सत्ता में आने के बाद उसे भी भूल गये। आचार्य प्रमोद ने कहा कि भारत सरकार को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर यह समझना होगा कि कौन उसका दोस्त है और कौन उसका दोस्त नही है ?

उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जो देश भारत के साथ रहे हैं, जिनसे भारत के बहुत अच्छे संबंध रहे हैं तो उन रिश्तों और उन संबंधों को नजर अंदाज न किया जाये। उन्होंने कहा कि नये रिश्तें बनायें बेशक बनायें लेकिन पुराने रिश्तों को नजरअंदाज करके या उन रिश्तों को बली लेकर कोई नया रिश्ता न बनाया जाये।