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अब्दुल हमीद के शहादत दिवस पर अब्बास अंसारी की सेना प्रमुख से मांग ‘सेना में ज्यादा भर्ती किये जायें अल्पसंख्यक’

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लखनऊ – आज परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद का शहादत दिवस है, अब्दुल हमीद 1965 युद्ध में पाकिस्तानी सेना का सीना चीर कर उस समय के अपराजेय माने जाने वाले उसके पैटन टैंकों” को तबाह कर देने वाले 32 वर्षीय वीर अब्दुल हमीद आज ही के दिन खेमकरण सेक्टर, तरन तारण में शहीद हुए थे।

वीर अब्दुल हमीद उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जनपद के रहने वाले थे। उन्हें देश के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से नवाज़ा गया था। अब्दुल हमीद की बहादुरी पर यह पुरूस्कार युद्ध के समाप्त होने से भी एक सप्ताह पहले, 16 सितम्बर 1965 को, घोषित कर दिया गया था। इसके अलावा इन्हें सैन्य सेवा मेडल, समर सेवा मेडल और रक्षा मेडल से भी अलंकृत किया गया।

अब्दुल हमीद के शहादत दिवस पर सेना प्रमुख विपिन रावत और यूपी के राज्यपाल राम नाईक उनके गृह जनपद गये हैं। इस मौके पर अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी और बसपा के युवा नेता अब्बास अंसारी ने राज्यपाल और सेना प्रमुख से अपील करते हुऐ कहा कि गाजीपुर की बलिदानी धरती पर सेना प्रमुख आदरणीय विपिन रावत का देश के लिये जान देने वाले ब्रिगेडियर उस्मान अंसारी का परिवार स्वागत करता है।

अब्बास अंसारी ने अपील करते हुऐ कहा कि महोदय गाजीपुर और मऊ जिले में सेना में भर्ती के लिये अल्पसंख्यक समाज के बच्चों के लिये विशेष कैम्प लगाकर भर्ती कराई जायें अब्बास ने कहा कि अगर आप करते हैं तो हम सभी दिल से स्वागत करेंगे क्योंकि हम उस परिवार से है जिन्होंने जब भी देश को ज़रूरत पड़ी सरहदों पर अपना खून देकर ये साबित किया है कि वतन जब भी खून मांगेगा हम तैयार है ।

आपको बता दें कि भारत के अंदर अंसारी परिवार ही एक मात्र ऐसा परिवार है जिसके 18 सद्स्य स्वंत्रता सेनानी हैं, 1948 में इसी परिवार के ब्रिगेडियर उस्मान पाकिस्तान से लड़ते हुऐ नोशेरा में शहीद हो गये थे। ब्रिगेडियर उस्मान मऊ से पांचवी बार विधायक मुख्तार अंसारी के नाना थे।

सेना में अल्पसंख्यक समुदाय की नोजवानों की अधिक भर्ती की मांग करने वाले अब्बास अंसारी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रौशन कर चुके हैं। अब्बास अंतर्राष्ट्रीय निशाने बाज हैं, और राजनीति उन्हें विरसे में मिली हैं। बसपा के इस युवा नेता ने गोरखपुर में बच्चों की मौत के बाद भी पीड़ित पिरवारों के लिये 25-25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की थी। आज वीर अब्दुल हमीद के शहादत दिवस पर उन्होंने सेना प्रमुख विपिन रावत की नज्र करते हुऐ एक शेर पढ़ा-

खून उगलता हुआ माजी ना पलटने देंगे

ए वतन हम तुझे टुकडों में ना बंटने देंगे।

सरहदें जितना लहू मांगेंगी हम देंगे मगर

हम इस मुल्क का नक्शा ना सिमटने देंगे।